टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी नई रफ्तार, पौड़ी में ‘जोश टीम’ का आगाज
विधायक राजकुमार पोरी ने हरी झंडी दिखाकर टीमों को किया रवाना, 8 क्षय रोगियों को बांटी पोषण किट
पौड़ी गढ़वाल। टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से गति देने के उद्देश्य से जनपद पौड़ी गढ़वाल में ‘जोश टीम’ अभियान का शुभारंभ किया गया। विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने उपचाराधीन क्षय रोगियों को पोषण किट वितरित कीं और हरी झंडी दिखाकर जनपद एवं विकासखंड स्तर पर गठित जोश टीमों को रवाना किया। इस दौरान अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, एनसीसी कैडेट्स और माय भारत स्वयंसेवकों ने टीबी मुक्त भारत की शपथ लेकर अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के संबोधन को भी सुना। विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि पौड़ी जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। इसकी शुरुआत अपने घर और आसपास के क्षेत्र से करनी होगी। उन्होंने कहा कि टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने और मरीजों को नियमित उपचार के लिए प्रेरित करने में जनभागीदारी की अहम भूमिका है। उन्होंने ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ के संकल्प के साथ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
विधायक ने बताया कि यह अभियान देश के 11 राज्यों के 55 जिलों में पायलट परियोजना के रूप में संचालित किया जा रहा है, जिसमें पौड़ी जनपद भी शामिल है। अभियान का उद्देश्य युवाओं और स्वयंसेवकों की भागीदारी से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संभावित मरीजों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करना है।
15 नोडल अधिकारियों के नेतृत्व में काम करेंगी टीमें
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना असवाल ने बताया कि जनपद में विकासखंडवार 15 नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। प्रत्येक नोडल अधिकारी के साथ पांच एनसीसी कैडेट्स और पांच माय भारत स्वयंसेवकों को जोड़ा गया है। अभियान की प्रभावी निगरानी और संचालन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए समय पर जांच, नियमित उपचार और जन-जागरूकता बेहद जरूरी है। युवाओं एवं स्वयंसेवकों की भागीदारी से आमजन को जागरूक करने के साथ संभावित मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
टीबी के लक्षण दिखने पर कराएं जांच
कार्यक्रम में डॉ. श्वेता नवानी ने टीबी के लक्षणों, जांच और उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और रात में पसीना आना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए, ताकि समय पर बीमारी की पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान विधायक राजकुमार पोरी ने आठ उपचाराधीन क्षय रोगियों को पोषण किट वितरित कीं। साथ ही टीबी उन्मूलन से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री भी बांटी गई।
इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल कॉलेज श्रीनगर, डॉ. अलीशा, चीफ फार्मासिस्ट जेपी टम्टा, नेहरू युवा केंद्र के माय भारत स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट्स, अधिकारी और उपचाराधीन क्षय रोगी उपस्थित रहे।

