गोवंश संरक्षण को लेकर गो सेवा आयोग अध्यक्ष ने ली समीक्षा बैठक
15 दिन में गौसदनों के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश, 25 गौसदनों में 2653 निराश्रित गोवंश
पौड़ी। उत्तराखण्ड गो सेवा आयोग के अध्यक्ष पंडित डॉ. राजेंद्र अण्थवाल ने सोमवार को विकास भवन सभागार में जनपद में गोवंश संरक्षण एवं गौसदनों की व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौसदनों के लिए भूमि चयन की कार्रवाई 15 दिन के भीतर पूरी की जाए। बैठक में ग्राम्य गौसेवकों, गौसदनों को दिए जा रहे राजकीय अनुदान और भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

अध्यक्ष ने गोवंश संरक्षण अधिनियम, 2007 की धारा 7 एवं 8 के उल्लंघन से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंश के जन्म एवं मृत्यु की रिकॉर्डकीपिंग, डेयरियों का पंजीकरण तथा समय-समय पर उनकी जांच सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही गोवंश को निराश्रित छोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गौवंश लिफ्टिंग वैन की व्यवस्था के निर्देश
अध्यक्ष ने कहा कि जिन निकायों में गोवंश लिफ्टिंग वैन उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में जनपद में गोहत्या, गोकशी एवं गो तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने सभी चौकी एवं थाना प्रभारियों को गोवंश से संबंधित अवैध गतिविधियों के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों के छात्रों के माध्यम से गोवंश संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
जनपद में 25 गौसदन, 2653 निराश्रित गोवंश
बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में कुल 25 गौसदन संचालित हैं, जिनमें 21 गैर सरकारी तथा 4 सरकारी गौसदन हैं। इनमें कुल 2653 निराश्रित गोवंश रखे गए हैं।
जनपद के 10 विकासखंडों में 32 ग्राम्य गोसेवक पंजीकृत हैं। पशुपालन विभाग द्वारा अब तक 2,76,076 गोवंश की ईयर टैगिंग की जा चुकी है, जबकि 73.61 प्रतिशत गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है।
नए गौसदनों के लिए भूमि चयन पर जोर
बैठक में जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित, निर्माणाधीन और प्रस्तावित गौसदनों की स्थिति की समीक्षा की गई। नए गौसदनों के लिए भूमि चयन तथा लंबित प्रस्तावों के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, पुलिस उपाधीक्षक दिव्येश उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

