राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से नौ बच्चों को मिला नया जीवन, निशुल्क हुई सर्जरी
पौड़ी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जनपद पौड़ी में अप्रैल से सितंबर 2026 तक जन्मजात एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित नौ बच्चों की निशुल्क सर्जरी कराई गई। इनमें एक बच्चा लिपोमा, चार बच्चे क्लब फुट, दो बच्चे कान संबंधी बीमारी तथा दो बच्चे कटे होंठ एवं तालू की समस्या से ग्रसित थे।

इसी क्रम में जयहरीखाल विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्र मंथला में पंजीकृत छह माह की रियांशी के कटे होंठ की 22 सितंबर को हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में सफलतापूर्वक निशुल्क सर्जरी की गई। जन्म से ही कटे होंठ की समस्या से जूझ रही रियांशी सर्जरी के बाद पूरी तरह स्वस्थ है।
रियांशी की माता निशा देवी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के सदस्य डॉ. भारती राय, फार्मासिस्ट राहुल शर्मा और एएनएम कृष्णा के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों की होती है स्वास्थ्य जांच
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्म से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों का प्रसव केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी विद्यालयों में स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। जांच के दौरान जन्मजात बीमारियों, हृदय रोग, दृष्टि एवं श्रवण संबंधी समस्याओं, पोषण संबंधी कमियों सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की जाती है।
गंभीर स्वास्थ्य समस्या पाए जाने पर बच्चों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाता है। वहां उपचार, दवाइयों और जरूरत पड़ने पर निशुल्क सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को यात्रा सहायता
सीएमओ ने बताया कि कार्यक्रम के तहत रेफर किए गए बच्चों के आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों को उपचार के लिए चिकित्सालय आने-जाने हेतु यात्रा सहायता भी दी जाती है। इसके अंतर्गत अधिकतम पांच बार तक प्रति राउंड चार हजार रुपये की यात्रा सहायता का भुगतान किया जाता है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए गंभीर और जन्मजात स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में महत्वपूर्ण सहारा बन रहा है।

