पौड़ी

गांधी-शास्त्री जयंती पर बंदियों को विधिक अधिकारों की दी जानकारी

जिला कारागार में विधिक जागरूकता शिविर, नशे के दुष्प्रभावों पर बंदियों ने नाटक के जरिए दिया संदेश

पौड़ी। गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर जिला कारागार पौड़ी में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धर्म सिंह की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में बंदियों को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, जमानत, अपील और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी गई।

जिला जज धर्म सिंह ने कहा कि कारागार में निरुद्ध होने मात्र से किसी व्यक्ति के विधिक अधिकार समाप्त नहीं होते। प्रत्येक बंदी को अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने जमानत, अपील, अधिवक्ता की सहायता और अन्य विधिक उपायों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता लेने को कहा।

उन्होंने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और मानवता तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर मिलता है। उन्होंने बंदियों से अनुशासन और सदाचार का पालन करते हुए समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।

नशे के दुष्प्रभावों पर बंदियों ने प्रस्तुत किया नाटक

शिविर के दौरान बंदियों ने नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से नशे के कारण स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन और सामाजिक संबंधों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को प्रदर्शित किया गया। प्रस्तुति के जरिए नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर बंदियों और कारागार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाज़िश कलीम, सिविल जज अमित भट्ट, कारागार अधीक्षक कौशल कुमार, सिविल जज रिजवान अंसारी, न्यायिक मजिस्ट्रेट अकमल अंसारी, उप कारापाल गौरव टम्टा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत सहित अन्य अधिवक्ता तथा न्यायालय एवं कारागार के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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