गंगाभोगपुर में हुआ ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम, पोषण के प्रति किया जागरूक
महिलाओं और किशोरियों को योजनाओं की जानकारी, 2 महिलाओं को महालक्ष्मी किट व 11 किशोरियों को टीएचआर वितरित
पौड़ी। सेवा संकल्प अभियान के तहत नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर गंगाभोगपुर आंगनबाड़ी केंद्र में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ स्थानीय पौष्टिक खाद्यान्नों के उपयोग तथा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र थपलियाल ने किया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाने के साथ उन्हें उनके अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार को जरूरी बताया।
उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्यान्नों को दैनिक भोजन में शामिल करने और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित पोषण संबंधी गतिविधियों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेवा, जागरूकता और जनभागीदारी के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी यमकेश्वर अंजू डबराल ने नंदा गौरा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना की पात्रता एवं लाभ की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं और किशोरियों से योजनाओं का लाभ उठाने तथा पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
महालक्ष्मी किट और टीएचआर का वितरण
कार्यक्रम के दौरान 2 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और 11 किशोरियों को टीएचआर वितरित किया गया। वहीं 2 बच्चों का अन्नप्राशन और 1 गर्भवती महिला की गोदभराई की रस्म भी संपन्न कराई गई।
इस अवसर पर शीशपाल रावत, अंजू डबराल, नागेन्द्र भट्ट सहित संबंधित महिलाएं, किशोरियां और अन्य लोग मौजूद रहे।
