सीएसआईआर-सीबीआरआई में ‘नेट पॉजिटिव एवं ऊर्जा दक्ष भवनों’ पर तीन दिवसीय कार्यशाला
रुड़की। सीएसआईआर–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीबीआरआई), रुड़की में 28 से 30 सितंबर 2026 तक ‘नेट पॉजिटिव एवं ऊर्जा दक्ष भवन’ विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इंटीग्रेटेड स्किल इनिशिएटिव के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों, अभियंताओं, वास्तुविदों और भवन निर्माण क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों सहित कुल 43 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य भवन निर्माण क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता, सतत निर्माण, जलवायु-अनुकूल डिजाइन और नेट-पॉजिटिव ऊर्जा प्रदर्शन से जुड़ी नवीन तकनीकों एवं व्यावहारिक दृष्टिकोणों की जानकारी देना रहा। साथ ही शोध, उद्योग और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बीच ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना भी इसका प्रमुख उद्देश्य रहा।
उद्घाटन अवसर पर सीएसआईआर-सीबीआरआई के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो के राष्ट्रीय लक्ष्य और विकसित भारत@2047 के व्यापक दृष्टिकोण के संदर्भ में ऊर्जा दक्ष एवं सतत भवनों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भवन क्षेत्र में ऊर्जा खपत कम करने और पर्यावरणीय प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए अनुसंधान आधारित तकनीकी समाधानों को व्यवहार में लाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा दक्षता के साथ नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन, जल एवं निर्माण सामग्री का कुशल उपयोग तथा अपशिष्ट और उत्सर्जन में कमी जैसे उपाय नेट-पॉजिटिव भवनों की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की शुरुआत वैज्ञानिक ‘एफ’ एवं प्रमुख, ओडीएस डॉ. नीरज जैन के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि नेट-पॉजिटिव का अर्थ केवल भवन के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना नहीं, बल्कि ऊर्जा और संसाधनों के दक्ष उपयोग के माध्यम से पर्यावरण एवं समाज के लिए सकारात्मक योगदान सुनिश्चित करना है। कार्यशाला का समन्वयन वैज्ञानिक ‘एफ’ एवं प्रमुख, एपीईई डॉ. नागेश बाबूबालम ने किया।
तीनों दिनों में विषय विशेषज्ञ डॉ. आदर्श अशोक, वैज्ञानिक ‘डी’, सीएसआईआर-एनआईआईएसटी, तिरुवनंतपुरम और श्री राहुल गुप्ता, प्रबंधक–सेल्स एवं मार्केटिंग, सेंट-गोबेन द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्र, विशेषज्ञ संवाद और व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को ऊर्जा दक्ष भवनों, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीन निर्माण दृष्टिकोणों और जलवायु-अनुकूल भवन डिजाइन से संबंधित तकनीकी जानकारी दी गई।
उद्घाटन सत्र के अंत में वैज्ञानिक ‘ई’ डॉ. किशोर कुलकर्णी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विशेषज्ञों, प्रतिभागियों, आयोजन समिति और ओडीएस टीम के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. चंदन स्वरूप मीणा, डॉ. ताबिश आलम, इंजीनियर निर्मल, डॉ. नवीन निशांत, वीणा चौधरी, आर्किटेक्ट अनूप के. प्रसाद, अभिषेक, रजनीश, अजय शर्मा, निशा कैन आदि उपस्थित रहे।
