आपदा के एक साल बाद भी नहीं सुधरी डोबरी की हालत, ग्रामीणों के सामने पलायन का संकट
द्वारीखाल/पौड़ी गढ़वाल। विकासखंड द्वारीखाल के ग्राम पंचायत डोबरी में 15 अगस्त 2025 को आई भीषण आपदा से हुए नुकसान के बाद भी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। ग्राम प्रधान आनंद सिंह नेगी ने सरकार और संबंधित विभागों से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।

ग्राम प्रधान के अनुसार आपदा के दौरान ग्राम डोबरी में ग्रामीणों के खेत-खलिहान, सिंचाई गूल, पेयजल लाइन, मकानों और आंगनों के पुस्ते, विद्यालय का गेट व आंगन, यात्री शेड तथा सौर ऊर्जा लाइटें सैलाब की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई थीं। आपदा के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि शासन-प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्य शुरू नहीं हो सका है।
प्रधान आनंद सिंह नेगी ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई एवं पेयजल व्यवस्थाओं के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों तक सिंचाई की व्यवस्था प्रभावित होने से ग्रामीणों की आजीविका पर भी असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि गांव में मूलभूत सुविधाओं के प्रभावित होने और समस्याओं का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है। सरकार की बेरुखी के कारण लगातार पलायन का ग्राफ बढ़ता जा रहा है और यदि समय रहते गांव की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हो सकते हैं।
ग्राम प्रधान ने शासन-प्रशासन से आपदा में क्षतिग्रस्त सभी परिसंपत्तियों का स्थलीय निरीक्षण कराकर प्राथमिकता के आधार पर सिंचाई गूल, पेयजल लाइन, सुरक्षा पुस्तों, विद्यालय परिसर, यात्री शेड और अन्य क्षतिग्रस्त सुविधाओं का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
