पौड़ी में याद किए गए स्वतंत्रता सेनानी और कुशल प्रशासक गोविंद बल्लभ पंत
पौड़ी। भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर गुरुवार को पौड़ी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज घुड़दौड़ी से लेकर जिला कार्यालय परिसर तक आयोजित कार्यक्रमों में पंत जी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और प्रशासनिक कौशल को याद किया गया। छात्र-छात्राओं ने लोकनृत्य, गीत, कविता और लघु नाटिका के माध्यम से उनके जीवन एवं व्यक्तित्व को जीवंत किया।

जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज घुड़दौड़ी में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, प्राचार्य डॉ. वीके बंगा समेत अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की। जिलाधिकारी ने कॉलेज में लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन कर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक, पर्यावरण और समसामयिक विषयों पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना की।
इसके बाद जिला प्रशासन और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला कार्यालय परिसर में मुख्य कार्यक्रम हुआ। यहां पंत जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र निर्माण और प्रशासनिक योगदान को याद किया गया। नेहरू मोंटेसरी स्कूल पौड़ी की छात्राओं ने लोकनृत्य एवं गीत प्रस्तुत किए, जबकि जीजीआईसी पौड़ी की छात्राओं ने लघु नाटिका के माध्यम से पंत जी के जीवन संघर्ष और राष्ट्रसेवा की यात्रा को प्रस्तुत किया। आदर्श प्राथमिक विद्यालय संख्या-5 की छात्रा ने कविता पाठ कर श्रद्धांजलि दी।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन त्याग, संघर्ष, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने कहा कि पंत जी ने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ ही प्रशासनिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी जयंती नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश देती है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों को महान व्यक्तित्वों के जीवन एवं आदर्शों से परिचित कराने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जीवन और योगदान से जुड़े सवाल भी पूछे। सेंट थॉमस स्कूल की छात्रा आयत अंसारी और राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली की छात्रा दीपिका रावत ने सही उत्तर देकर पुरस्कार प्राप्त किए।
जयंती के अवसर पर विद्यालयों में आयोजित चित्रकला, निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं के जूनियर एवं सीनियर वर्ग के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। सीनियर वर्ग की चित्रकला में जीजीआईसी पौड़ी की मानवी प्रथम, शादमानी द्वितीय और राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली के सक्षम रावत तृतीय रहे। निबंध में प्रियांशु जाटव प्रथम, पूनम द्वितीय और मानसी मन्द्रवाल तृतीय रहीं। भाषण प्रतियोगिता में निहारिका प्रथम, मानव द्वितीय और दीपिका रावत तृतीय रहीं।
जूनियर वर्ग की चित्रकला में जीआईसी पौड़ी के कार्तिक प्रथम, डीएवी पौड़ी की सौम्या जोशी द्वितीय और डीएवी इंटर कॉलेज पौड़ी की साफिया तृतीय रहीं। निबंध प्रतियोगिता में डीएवी इंटर कॉलेज पौड़ी की किरन प्रथम, नेहरू मोंटेसरी स्कूल की मिष्टी रावत द्वितीय और वंशिका डोभाल तृतीय रहीं।
युवा कल्याण विभाग की ओर से डिजिटल युवा महोत्सव के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। पुश-अप/स्क्वाट चैलेंज में जुबिन नौटियाल प्रथम, अक्षत द्वितीय और सार्थक बडोला तृतीय रहे। ‘माई उत्तराखण्ड माई प्राइड’ सांस्कृतिक चैलेंज में अंजू रावत प्रथम, वंशिका नेगी द्वितीय और तनुजा रावत तृतीय रहीं। स्किपिंग में अरमान कुमार प्रथम, गौरी द्वितीय और साहिल तृतीय रहे। युवा फोटोग्राफी में मानसी नेगी प्रथम, विकास चन्द्र द्वितीय और तनुजा तृतीय रहीं। फिटनेस फिनाले में मुस्कान नेगी प्रथम, अक्षत द्वितीय और हिमांशु रावत तृतीय रहे। ‘वन मिनट वन स्किल’ में आयुष सिंह प्रथम, अंकित द्वितीय और सचिन सिंह तृतीय रहे।
जिलाधिकारी ने विजेता प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, जिला शिक्षाधिकारी प्राथमिक अंशुल बिष्ट, भातखंडे हिंदुस्तानी संगीत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह बिष्ट, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, जिला युवा कल्याण अधिकारी पंकज तिवारी, जिला खेल अधिकारी प्रदीप कुमार, जिला खेल समन्वयक योगंबर नेगी समेत अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
