पुराने राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाएं अधिकारी : जिलाधिकारी
एक साल और तीन साल से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश, कम वसूली वाले अमीनों का वेतन रोकने के आदेश
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में पुराने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में उपजिलाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में राजस्व वसूली, लंबित वाद, आपदा प्रबंधन, भूलेख, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, भू-अनुमति पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन समेत विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। बड़े बकायेदारों से नियमानुसार वसूली में तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिन अमीनों की विविध देयकों की वसूली 50 प्रतिशत से कम है, उनका वेतन रोका जाए।
राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा के दौरान उन्होंने एक वर्ष और तीन वर्ष से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले एक माह में अधिकाधिक पुराने वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। धारा 166 एवं 167 के मामलों को भी प्राथमिकता से निस्तारित करने और उनकी अद्यतन स्थिति जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आपदा की सूचना पर उसी दिन मौके पर पहुंचे अधिकारी
दैवीय आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आपदा की सूचना मिलते ही संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक उसी दिन मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन करें और रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राजस्व उपनिरीक्षक की त्वरित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम स्तर पर क्षति के शीघ्र आकलन के लिए खंड विकास अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के साथ साप्ताहिक बैठक करने तथा पुराने आपदा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करने को भी कहा।
बैठक में बताया गया कि जनपद में क्षतिग्रस्त 63 पटवारी चौकियों में अधिकांश का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष पर कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने तहसीलों में वुडकटर समेत आवश्यक उपकरण और संबंधित वाहनों में आपदा किट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
पेंशन प्रकरण लंबित न रखने के निर्देश
खातेदारों के अंश निर्धारण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और खातों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। भूलेख एप्लिकेशन में ऑनलाइन प्राप्त उत्तराधिकार एवं विरासत संबंधी विवरण पत्रों के निस्तारण में कम प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने ऑफलाइन निरस्त किए गए मामलों में स्पष्ट कारण दर्ज करने और भू-अनुमति पोर्टल के लंबित प्रकरणों में तेजी लाने को कहा।
फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश देते हुए उन्होंने खरीफ फसल के डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य शीघ्र शुरू कराने को कहा।
तहसील दिवस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए।
उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और अन्य देयकों की समीक्षा करते हुए कहा कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए।
होटल-होमस्टे का सत्यापन कराने के निर्देश
ई-ऑफिस प्रणाली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण करने को कहा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक तहसील में डिजिटल कार्यों को मजबूत करने के लिए कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कंप्यूटर भी दिए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों को जिला पर्यटन विकास अधिकारी के साथ होटल और होमस्टे का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान और जुर्माने की कार्रवाई करने को कहा। बैठक में तहसीलों के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, चौबट्टाखाल की एसडीएम रेखा आर्य, लैंसडाउन की एसडीएम शालिनी मौर्य सहित तहसीलदार और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
