एसआईआर-2026 की तैयारियों को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
पौड़ी। निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 को लेकर सोमवार को अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी एफआर चौहान की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में एसआईआर के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य निर्वाचक नामावली को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल हो, जबकि अपात्र और डुप्लीकेट प्रविष्टियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाए।
उन्होंने बताया कि जिले की सभी छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में विसंगति एवं मानचित्रण नहीं होने की श्रेणी के कुल 1,39,967 मतदाताओं को नोटिस वितरित किए गए थे। निर्धारित समय-सीमा में सभी नोटिसों पर सुनवाई पूरी कर ली गई है। सुनवाई के दौरान 2,623 मतदाता अंतिम निर्वाचक नामावली में शामिल किए जाने के लिए अपात्र पाए गए, जबकि 1,37,289 मामलों को अंतिम निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के लिए रखा गया है।
बैठक में बताया गया कि एसआईआर अवधि में फार्म-6, 7 और 8 के माध्यम से प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जा रहा है। इसके बाद राजनीतिक दलों को प्रारूप-9, 10, 11, 11ए और 11बी से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। संबंधित विवरण जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
अपर जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से एसआईआर प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे और अपात्र प्रविष्टियां सूची में शामिल न हों।
निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आलेख्य निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 14 जुलाई 2026 को किया जा चुका है। दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक निर्धारित थी। नोटिस चरण में दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तिथि 11 सितंबर तथा अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है।
बैठक में सहायक निर्वाचन अधिकारी एसएल शाह, खंड शिक्षा अधिकारी मास्टर आदर्श, सुरेंद्र सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, जगमोहन रावत सहित अन्य अधिकारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
