मसूरी गोलीकांड की बरसी पर राज्य आंदोलन के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि
ऋषिकेश। मसूरी गोलीकांड की बरसी पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों को परमार्थ निकेतन में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आज की दिव्य गंगा आरती राज्य आंदोलन के शहीदों को समर्पित की गई। गंगा तट पर शहीद आंदोलनकारियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया गया।

परमार्थ निकेतन की ओर से कहा गया कि पृथक उत्तराखण्ड राज्य का आंदोलन केवल राजनीतिक मांग नहीं, बल्कि पर्वतीय जनजीवन, संस्कृति, परंपराओं, प्राकृतिक संसाधनों और स्वाभिमान की आवाज था। आंदोलन में मातृशक्ति, युवाओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अनेक आंदोलनकारियों ने राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
मसूरी गोलीकांड उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के संघर्षपूर्ण इतिहास का एक मार्मिक अध्याय है। इस अवसर पर सभी ज्ञात-अज्ञात आंदोलनकारियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। कहा गया कि उनके त्याग और संघर्ष के कारण आज उत्तराखण्ड एक पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शहीदों के सपनों के उत्तराखण्ड के निर्माण का संकल्प भी दोहराया गया। ऐसा उत्तराखण्ड, जहां विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के लिए रोजगार, बेहतर शिक्षा और गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों तथा पलायन की विवशता कम हो।
गंगा और हिमालय के संरक्षण को राज्य के विकास से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। कहा गया कि उत्तराखण्ड की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की लोकसंस्कृति, लोकभाषाएं, लोककलाएं, आध्यात्मिक परंपराएं और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की जीवनशैली भी इसकी विशिष्ट पहचान हैं।
कार्यक्रम में कहा गया कि राज्य आंदोलन के शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनकी विरासत और मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाए। युवाओं को राज्य आंदोलन के इतिहास और आंदोलनकारियों के संघर्ष से परिचित कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
इस अवसर पर अमर शहीदों को शत्-शत् नमन करते हुए उनके सपनों का सशक्त, समृद्ध, पर्यावरण-सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध उत्तराखण्ड बनाने का संकल्प लिया गया।
