पौड़ी

ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने को योजनाओं का बेहतर कन्वर्जेंस जरूरी: भरत चौधरी

रोजगार, आजीविका और सड़क सुविधाओं पर फोकस; कैबिनेट मंत्री ने की विकास योजनाओं की समीक्षा

पौड़ी। ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म, मध्यम उद्यम तथा खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शनिवार को पौड़ी पहुंचकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में वीबी-जी रामजी योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पशुपालन, बांस मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं का बेहतर कन्वर्जेंस जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ स्थानीय संसाधनों को आजीविका से जोड़ने के निर्देश दिए।

मनरेगा की लंबित देनदारियां जल्द निस्तारित हों

वीबी-जी रामजी योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने मनरेगा की लंबित देनदारियों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नई योजना के प्रावधानों और कार्यप्रणाली की जानकारी ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा।

उन्होंने अधिकाधिक मानव दिवस सृजित करने, मनरेगा सहायकों को सक्रिय करने तथा आपदा में क्षतिग्रस्त पुश्तों सहित आवश्यक कार्यों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और वाटरशेड मैनेजमेंट को भी प्राथमिकता देने को कहा।

बांस, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों से बढ़ेगी आय

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बांस और रिंगाल जैसे स्थानीय संसाधनों को व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीणों की आय बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने पौड़ी में उपयुक्त भूमि, विशेषकर सड़क किनारे की भूमि पर बांस की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बांस का उपयोग फेंसिंग के साथ चारे के विकल्प के रूप में भी किया जा सकता है।

पशुपालन की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। पशु सखियों को कृत्रिम गर्भाधान का अनिवार्य प्रशिक्षण देने और बंजर भूमि पर नेपियर घास उगाने के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। गोट वैली जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ अच्छी नस्ल के पशुओं से डेयरी, गोबर गैस प्लांट सहित अन्य रोजगार के अवसर विकसित करने पर जोर दिया।

महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिले में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समूहों द्वारा अपशिष्ट पिरूल से पेलेट तैयार किए जा रहे हैं। वहीं ग्रामोत्थान परियोजना के तहत माल्टे के छिलकों से फेस पैक, बायो-एंजाइम सहित विभिन्न उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

मंत्री ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और अधिक से अधिक ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने जिले में कीवी उत्पादन को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

छोटे और दूरस्थ गांवों को सड़क से जोड़ने पर जोर

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने चरण-4 में अधिक से अधिक सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, ताकि छोटे और दूरस्थ गांवों को भी सड़क सुविधा से जोड़ा जा सके। वन भूमि से संबंधित मामलों में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रस्ताव भेजने तथा सर्वे, डीपीआर और अन्य प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए बेहतर सड़क कनेक्टिविटी बेहद आवश्यक है।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *