महरगांव में अतिवृष्टि से तबाही, डीएम ने 3 किमी पैदल पहुंचकर संभाली राहत की कमान
मलबे में दबे तीनों लोगों के शव बरामद, परिजनों को 14 लाख रुपये की राहत राशि
द्वारीखाल/पौड़ी। तहसील सतपुली के महरगांव में बीती रात हुई अतिवृष्टि के बाद भूस्खलन से एक दो मंजिला भवन क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में मलबे में दबे तीनों लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया स्वयं करीब तीन किलोमीटर पैदल दुर्गम मार्ग से महरगांव पहुंचीं और मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने रेस्क्यू अभियान की निगरानी करते हुए बचाव दलों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।
घटनास्थल पर जिलाधिकारी ने प्रभावित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में जिला प्रशासन परिवार के साथ खड़ा है और आपदा राहत के अलावा आवश्यकतानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई है। प्रत्येक मृतक के लिए चार-चार लाख रुपये तथा क्षतिग्रस्त भवन के लिए दो लाख रुपये की सहायता सहित कुल 14 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है। तीनों शव बरामद होने के बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राहत एवं बचाव के साथ प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता दी जा रही है। विद्युत और पेयजल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं। प्रभावित परिवारों के मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से कराई गई है।
डीएम ने अधिकारियों को बाधित मार्गों को मशीनरी के माध्यम से जल्द खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत एवं बचाव दलों से अभियान में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरतने तथा सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने को कहा।
जिला प्रशासन की ओर से अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मौके पर एडीएम एफआर चौहान, उपजिलाधिकारी रेखा आर्य, तहसीलदार लैंसडाउन विद्यादत्त सेमवाल, प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवर, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीमें मौजूद रहीं।
