देहरादून

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस्तीफे की मांग की है। मंच ने आरोप लगाया कि हत्याकांड के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ कथित वीआईपी, साक्ष्य मिटाने और जांच को प्रभावित करने की संभावित भूमिका रखने वाले लोगों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


मंच ने आरोप लगाया कि वनंतरा रिसॉर्ट में अंकिता के कमरे को बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने से महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नुकसान पहुंचा। मंच का दावा है कि बुलडोजर कार्रवाई के आदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से दिए गए थे तथा इसमें यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट और भाजपा नेता आरती गौड़ की भी भूमिका रही।
संघर्ष मंच ने मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच का दायरा बढ़ाते हुए कथित वीआईपी अजय कुमार और दुष्यंत गौतम समेत उन सभी लोगों को जांच के दायरे में लाया जाए, जिनकी भूमिका मामले में संदिग्ध या संभावित रूप से प्रभाव डालने वाली रही हो।
मंच का कहना है कि अंकिता को वास्तविक न्याय तभी मिल सकेगा, जब हत्याकांड के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ साक्ष्य नष्ट करने, संरक्षण देने अथवा जांच को प्रभावित करने की संभावित भूमिका रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति की निष्पक्ष जांच होगी।
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की। मंच ने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया।

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