भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों की डीएम ने की समीक्षा
पौड़ी। जनपद में लगातार हो रही बारिश के बीच जिलाधिकारी ने मंगलवार को आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर विभिन्न क्षेत्रों में बारिश, भूस्खलन, राहत एवं बचाव कार्यों तथा आवश्यक सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्रवार जानकारी लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

महरगांव में भूस्खलन की सूचना मिलते ही प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके के लिए रवाना हुईं। प्रारंभिक सूचना के अनुसार चार लोग मलबे में दबे थे, जिनमें से एक महिला को ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटनास्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी भेजी गई। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। वहीं बैरगांव में भूस्खलन से घायल महिला को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल सतपुली हंस चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
जिलाधिकारी ने भूस्खलन के कारण बाधित सभी सड़कों को तत्काल खोलने के निर्देश दिए। निर्देशों के क्रम में सतपुली-गुमखाल मार्ग पर बाधित स्थानों को जेसीबी की मदद से खोल दिया गया। वहीं गुमखाल-द्वारीखाल-महरगांव मार्ग को सुचारू करने के लिए भी जेसीबी मशीन भेजी गई है।
आपदा कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और संबंधित अधिशासी अभियंताओं से सड़क, पेयजल, विद्युत समेत आवश्यक सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विद्युत फीडर ब्रेकडाउन की स्थिति में तत्काल टीम भेजकर मरम्मत कराने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा।
जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। नदियों और गदेरों में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। प्रशासन की सभी संबंधित टीमें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सक्रिय हैं।
