रुड़की

पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों-कर्मचारियों का मशाल जुलूस

रुड़की। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, नई पेंशन योजना (एनपीएस) एवं एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को समाप्त करने तथा आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग को लेकर शनिवार शाम रुड़की में शिक्षक और कर्मचारियों ने विशाल मशाल जुलूस निकाला। आंदोलनकारियों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन, उत्तराखंड की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर शाम करीब छह बजे अटल उत्कृष्ट पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, रुड़की से मशाल जुलूस शुरू हुआ। हाथों में मशालें और मांगों से जुड़े बैनर लेकर शिक्षक-कर्मचारी दुर्गा चौक होते हुए गंगनहर के नए पुल तक पहुंचे। इस दौरान “पुरानी पेंशन बहाल करो”, “एनपीएस-यूपीएस वापस लो” और “शिक्षक-कर्मचारी एकता जिंदाबाद” जैसे नारों से शहर गूंज उठा।

गंगनहर के नए पुल पर जुलूस सभा में परिवर्तित हो गया। सभा को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन के लिए इसे बहाल किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनपीएस और यूपीएस कर्मचारियों को भविष्य की वह आर्थिक सुरक्षा नहीं देते, जिसकी अपेक्षा सरकारी सेवा से की जाती है।

वक्ताओं ने आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को भी अव्यावहारिक बताया। उनका कहना था कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव, वरिष्ठता और शैक्षिक योगदान को देखते हुए इस अनिवार्यता को समाप्त किया जाना चाहिए। शिक्षक की गुणवत्ता का मूल्यांकन केवल एक परीक्षा से नहीं, बल्कि उसके कार्य और अनुभव से भी होना चाहिए।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी और राष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने 25 जुलाई के मशाल जुलूस को बड़े जनआंदोलन की शुरुआत बताते हुए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर गढ़वाल मंडल अध्यक्ष विकास कुमार शर्मा, संरक्षक मुकेश चौहान, मनोज सैनी, मोहित मनोचा, वीर सिंह पंवार, अश्वनी चौहान, हेमेंद्र चौहान, अरविंद शर्मा, राजेश सैनी, अनिल चौधरी, सुखदेव सैनी, दीपक चौहान, मनोज कुमार, खीमानंद भट्ट, जॉनी प्रसाद, शिव कुमार पाल, सतेंद्र कुमार, मोहम्मद इकराम सहित विभिन्न कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *