यमकेश्वर विधानसभा : जनसंपर्क के दौरान डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
“जनसंपर्क के दौरान उठे खेती, सड़क और पलायन के मुद्दे”
द्वारीखाल। उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता एवं राज्य आंदोलनकारी डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने शनिवार को यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की ठंठोली न्याय पंचायत के बाड़ियूं, रणेथ और ठंठोली गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से जनसंपर्क किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और क्षेत्र की विभिन्न जनसुविधाओं का जायजा लिया।

ग्रामीणों ने बताया कि बंदर, जंगली सूअर और अन्य वन्यजीवों के बढ़ते आतंक के कारण खेती और पशुपालन लगभग समाप्ति की कगार पर पहुंच गया है। वहीं गुलदार की लगातार सक्रियता से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लैंटाना की झाड़ियां गांवों और घरों के आसपास तक फैल गई हैं, जिससे खेती योग्य भूमि और गांवों का स्वरूप प्रभावित हो रहा है।
ग्राम पंचायत छतिण्डा की प्रधान सोनाली देवी ने बताया कि बाड़ियूं गांव के एक ओर छतिण्डा तक तथा दूसरी ओर रणेथ तक मोटरमार्ग का निर्माण हो चुका है, लेकिन बीच का लगभग 800 मीटर हिस्सा आज भी अधूरा है। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों छोर नहीं जुड़ेंगे, तब तक सड़क का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पर्याप्त प्राकृतिक जलस्रोत और सिंचित भूमि होने के बावजूद जंगली जानवरों के कारण उपजाऊ खेत बंजर पड़े हैं और खेती करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है।
इस अवसर पर डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने आरोप लगाया कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, शिक्षा के गिरते स्तर और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से ग्रामीणों को कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करना पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड क्रांति दल के जनसंपर्क अभियान को क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है तथा जनता आगामी समय में बदलाव के पक्ष में अपना समर्थन दे रही है।
