लगातार बारिश पर डीएम का त्वरित एक्शन, आपदा परिचालन केंद्र से संभाली कमान
पैरी। जनपद में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर जिले की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की प्रतिक्रिया तत्काल और प्रभावी होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपजिलाधिकारियों से वर्षा, संवेदनशील क्षेत्रों और राहत एवं बचाव तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने एसडीएम, राजस्व, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, कृषि और ग्राम पंचायत सहित सभी विभागों की संयुक्त टीमों को फील्ड में सक्रिय रहने तथा किसी भी घटना की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भूस्खलन प्रभावित मोटर मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने, मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यातायात शुरू करने तथा आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने के निर्देश दिए। चारधाम यात्रा और नीलकंठ यात्रा मार्ग की स्थिति की भी समीक्षा की गई। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने आवश्यक स्थानों पर भोजन, पेयजल, शौचालय और ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा हटाकर यातायात बहाल किए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई। जिलाधिकारी ने सभी संवेदनशील मार्गों पर पर्याप्त मशीनरी और स्टाफ तैनात रखने के निर्देश दिए।
बैठक में बिजली और पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को आवश्यक संसाधन तैयार रखने तथा जल संस्थान को पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक रूप से टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी ने मुख्यालय क्षेत्र में जलभराव वाले स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कंडोलिया, एजेंसी चौक, राजकीय पुस्तकालय और ईएनटी चिकित्सालय के आसपास ड्रेनेज व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए नालियों की सफाई, ठोस अपशिष्ट हटाने, क्षतिग्रस्त संकेतक बोर्ड हटाने तथा जल निकासी में बाधा बनने वाली विद्युत एवं पेयजल लाइनों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में बिना विलंब कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने दोहराया कि जनपदवासियों और यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
