पौड़ी

दूरस्थ गांव मेंदणी पहुंचीं डीएम, जनचौपाल में सुनीं समस्याएं

रिखणीखाल/पौड़ी। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनसुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बुधवार को रिखणीखाल विकासखंड का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ताड़केश्वर महादेव मंदिर, देवियोंखाल, मेंदणी गांव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल तथा तहसील कार्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने ताड़केश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं की सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और साइनेज विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ताड़केश्वर जनपद की महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन धरोहर है, जहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।

देवियोंखाल में उन्होंने ग्रामोत्थान परियोजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से संचालित मातृशक्ति आजीविका आउटलेट का उद्घाटन किया। महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद करते हुए उन्होंने उत्पादों के विपणन और भंडारण सुविधाओं को मजबूत करने का आश्वासन दिया।

इसके बाद जिलाधिकारी दुर्गम गांव मेंदणी पहुंचीं, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक ढोल-दमाऊं और लोकगीतों के साथ उनका स्वागत किया। जनचौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, मोबाइल नेटवर्क, पेंशन और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए तथा गांव में ओपन जिम और प्रवेश द्वार निर्माण को स्वीकृति प्रदान की।

ग्रामीणों द्वारा उठाई गई पेयजल समस्या पर जल निगम अधिकारियों ने 10 दिन के भीतर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने ढाबखाल स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं शहीद हरेन्द्र सिंह रावत मेमोरियल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, दवा उपलब्धता तथा स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इमरजेंसी कक्ष की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए तत्काल मरम्मत और विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा।

तहसील रिखणीखाल में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं और राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को गांवों में नियमित भ्रमण, जनसुनवाई और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने पर जोर दिया।

भ्रमण के दौरान ब्लॉक प्रमुख रेनू रावत, एसडीएम शालिनी मौर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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