कोटद्वार स्पोर्ट्स स्टेडियम में निर्माण कार्यों ने पकड़ी रफ्तार
डीएम के निर्देशों के बाद निरीक्षण में दिखी प्रगति, रसोई की सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश
पौड़ी, 15 मई। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशों के बाद कोटद्वार स्थित शशिधर भट्ट स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों ने गति पकड़ ली है। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी कोटद्वार ने स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों, साफ-सफाई व्यवस्था और खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
गौरतलब है कि इससे पूर्व जिलाधिकारी ने स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही खिलाड़ियों को बेहतर खेल वातावरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया था।

शुक्रवार को हुए निरीक्षण में उपजिलाधिकारी ने स्टेडियम परिसर में संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद निर्माण कार्यों में तेजी आई है और कार्य त्वरित गति से संचालित किए जा रहे हैं। अधिशासी अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग ने बताया कि स्टेडियम में चल रहे सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्य मई माह के अंत तक पूरे कर लिए जाएंगे।
उपजिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने स्टेडियम परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। परिसर और शौचालयों की स्थिति संतोषजनक पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया। अधिकारियों ने कहा कि खिलाड़ियों और खेल गतिविधियों से जुड़े युवाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
हालांकि निरीक्षण के दौरान स्टेडियम स्थित रसोईघर की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उपजिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए स्टेडियम इंचार्ज को नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, रसोई व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्टेडियम की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जाएगा। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
