मेरठ में आईआईएमटी विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह संपन्न, उपराष्ट्रपति ने दी प्रेरणा
मेरठ। गंगानगर स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह का आयोजन मंगलवार को भव्य एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊँचाइयों से अनुप्राणित किया। साथ ही राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकान्त बाजपेयी सहित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता, प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल, कुलपति प्रो. दीपा शर्मा एवं कुलसचिव डॉ. वी.पी. राकेश समेत अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का मूल आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश को विकसित एवं आत्मनिर्भर बनाने में करें।
वहीं स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और समर्पण से युक्त जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक अपनाने के साथ-साथ अपनी संस्कृति और मूल्यों से जुड़े रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर आदि शंकराचार्य की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। वक्ताओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए युवाओं से ज्ञान, चरित्र और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाने की अपील की।
समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं विशेष सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिकता, नेतृत्व और सामाजिक चेतना से युक्त नागरिक तैयार करना है।
यह दीक्षांत समारोह शिक्षा, संस्कृति और अध्यात्म के समन्वय का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उपस्थित जनसमूह के लिए यादगार बन गया।
