थलीसैंण में बाल विकास योजनाओं की समीक्षा, बालिकाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर
थलीसैंण (पौड़ी गढ़वाल)। विकासखंड थलीसैंण में ब्लॉक एक्शन टास्क फोर्स की बैठक उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ सहित बाल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

उपजिलाधिकारी ने बालिकाओं के सशक्तिकरण को लेकर अधिकारियों से सुझाव मांगे और निर्देश दिए कि पॉक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी विद्यालयों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाई जाए। इसके लिए प्रधानाचार्यों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित बैठकें आयोजित करने को कहा गया।
उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि राजकीय महाविद्यालय थलीसैंण में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कैंटीन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे छात्र-छात्राओं को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन मिल सके।
उपजिलाधिकारी ने “देश सेवा की शुरुआत” कार्यक्रम थलीसैंण से प्रारंभ करने के निर्देश दिए, जिसकी शुरुआत 29 मार्च से की जाएगी। इस पहल के तहत बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक तीन माह में “लंच विद एसडीएम” कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों से संवाद स्थापित किया जाए।
इसके अलावा उन्होंने फ्योंली अभियान को और प्रभावी बनाने तथा कुपोषित बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें बेहतर पोषण और देखभाल मिल सके।
बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी पूजा रावत ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बालिकाओं, किशोरियों एवं महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य, एनीमिया, स्वच्छता और शिक्षा से संबंधित जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता दी गई, जबकि पुलिस विभाग ने किशोरी शक्ति एप, साइबर क्राइम और सुरक्षा विषयों पर जानकारी साझा की।
इस अवसर पर प्रभारी थाना निरीक्षक थलीसैंण रविंद्र नेगी, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अंकिता रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
