धुमाकोट में डीएम स्वाति भदौरिया की सख्ती, गांवों तक पहुंचे प्रशासन के दिए निर्देश
पौड़ी/धुमाकोट। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने दूरस्थ क्षेत्र धुमाकोट पहुंचकर तहसील सभागार में राजस्व एवं वन विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन की उपस्थिति केवल कार्यालयों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों तक पहुंचे और आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने राजस्व उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए कि वे पटवारी चौकी के साथ-साथ नियमित रूप से गांवों का भ्रमण करें और आपदा से हुई क्षति का समय पर आकलन कर संबंधित विभागों को जानकारी दें। उन्होंने राजस्व से जुड़े सभी पोर्टलों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। साथ ही पटवारी चौकी और गांव भ्रमण की तिथियां निर्धारित कर उन्हें सार्वजनिक रूप से पटवारी चौकी के बाहर चस्पा करने के निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारी को ग्राम पंचायत अधिकारी का नाम व संपर्क विवरण भी सार्वजनिक करने को कहा गया, ताकि ग्रामीणों को सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क करने में सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को मरम्मत की आवश्यकता वाली पटवारी चौकियों को चिन्हित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में खसरा–खतौनी, निर्वाचन हेतु विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एवं बीएलओ से कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही स्थायी निवास, आय प्रमाणपत्र, मुख्यमंत्री घोषणाएं, सीएम हेल्पलाइन, किसान सम्मान निधि, अतिक्रमण, आपदा क्षति और अवैध खनन के मामलों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने राहतकोष के चेक वितरण की स्थिति की जानकारी ली और किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों का केवाईसी शीघ्र कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने क्षेत्र में चल रहे बड़े विकास कार्यों का नियमित निरीक्षण करने और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधितों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी को निर्माण एजेंसियों द्वारा कराए जा रहे कार्यों की पूरी जानकारी रखने को कहा गया। खाद्य राशन दुकानों के निरीक्षण के संबंध में राजस्व उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए गए कि जहां गुणवत्ता के अनुरूप राशन वितरण नहीं हो रहा है, वहां जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए, साथ ही बाहरी लोगों के सत्यापन को अनिवार्य करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने जन–जन की सरकार अभियान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा करते हुए सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल आपूर्ति से संबंधित पाइपलाइनों को आवश्यकतानुसार भूमिगत करने, समस्त विकास कार्यों का स्थलीय एवं थर्ड पार्टी सत्यापन सुनिश्चित करने तथा मानकों के अनुरूप कार्य न पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा सीएचसी, पीएचसी, विद्यालयों, अस्पतालों एवं उचित दर दुकानों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच करने को कहा।
जंगली जानवरों की बढ़ती घटनाओं को लेकर जिलाधिकारी ने वन विभाग एवं राजस्व कर्मियों से क्षेत्रवार जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जहां गुलदार की अधिक सक्रियता है, वहां लोगों को जागरूक किया जाए और आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य तत्काल किए जाएं। जंगली जानवरों से हुई घटनाओं की सूची प्रस्तुत करने तथा वन विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश उपजिलाधिकारी को दिए गए।
डीएफओ गढ़वाल से सोलर लाइट और फॉक्स लाइट की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों में लाइट लगाने और नियमित गश्त के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व एवं वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार करने और जंगली जानवरों की रोकथाम के लिए नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी धुमाकोट श्रेष्ठ गुनसोला सहित राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
