टैक्सियों पर निर्भर यमकेश्वर की जनता, परिवहन निगम की उपेक्षा पर जनप्रतिनिधि भी खामोश
पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था आज भी बदहाल है। विशेष रूप से यमकेश्वर विधानसभा, यमकेश्वर और द्वारीखाल ब्लॉक की जनता अब भी जीएमओयू की सीमित बस सेवाओं और महंगी टैक्सियों पर निर्भर रहने को मजबूर है। राजधानी देहरादून के नज़दीक होने के बावजूद इस क्षेत्र में नियमित सरकारी परिवहन सेवाएं न होने से लोग वर्षों से असुविधा झेल रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, न तो परिवहन विभाग ने और न ही जनप्रतिनिधियों ने इस अहम मुद्दे पर गंभीरता दिखाई है। क्षेत्र के ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और विधायक तक ने अब तक मजबूत बस सेवा की मांग को प्रभावी रूप से नहीं उठाया।
यात्रा व विवाह सीजन में बढ़ जाती है परेशानी
ऑफ-सीजन में लोग किसी तरह टैक्सी साझा कर या महंगे किराये देकर गंतव्य तक पहुंच जाते हैं, लेकिन यात्रा, छुट्टियों या विवाह सीजन में स्थिति बेहद खराब हो जाती है। ऋषिकेश और कोटद्वार में लोग घंटों तक बस या टैक्सी की तलाश में भटकते रहते हैं। कई बार उन्हें दुगने–तिगुने किराए पर वाहन बुक करने पड़ते हैं।
नए बस रूट क्षेत्र की बड़ी आवश्यकता
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि उत्तराखंड परिवहन निगम निम्नलिखित रूटों पर बस सेवाएं शुरू करे, तो तीन से पाँच ब्लॉकों की बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिल सकता है
1. देहरादून–लैंसडौन (द्वारीखाल होकर) रूट
देहरादून – ऋषिकेश – गरुड़चट्टी – रत्तापानी – घट्टूगाड़ – महादेव सैंण – मोहनचट्टी – बिजनी – नौढखाल – गैण्डखाल – धारीखाल – देवीखाल – जाखणीखाल – रिंगालपानी – सिलोगी – परसूलीखाल – मष्टखाल – चैलुसैण – खजरीखाल – द्वारीखाल – कीर्तिखाल – गुमखाल – राजकीय महाविद्यालय जयहरीखाल – पौखाल – जयहरीखाल – लैंसडौन
इस रूट से यमकेश्वर, द्वारीखाल एवं जयहरीखाल ब्लॉकों की जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
2. देहरादून–कोटद्वार (दिउली–कांडी होकर) रूट
देहरादून – ऋषिकेश – गरुड़चट्टी – घट्टूगाड – दिउली – पोखरखाल – कांडी – कस्याली – पौखाल – काण्डाखाल – दुगड्डा – कोटद्वार
इससे यमकेश्वर, द्वारीखाल और दुगड्डा ब्लॉकों की जनता को राहत मिलेगी।
3. देहरादून–रीठाखाल (व्यासी–देवप्रयाग होकर) रूट
देहरादून – ऋषिकेश – व्यासी – देवप्रयाग – व्यासचट्टी – सतपुली – रीठाखाल
इस बस सेवा की शुरुआत से कोट, द्वारीखाल, कल्जीखाल, जयहरीखाल और एकेश्वर ब्लॉकों की जनता को सुविधा मिलेगी।
लंबे समय से मांग, अब उम्मीदें परिवहन विभाग से
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहाड़ों में निरंतर पलायन का एक बड़ा कारण परिवहन सुविधाओं का अभाव भी है। नियमित बस सेवाएं उपलब्ध होने पर लोगों को कामकाज, शिक्षा, उपचार और यात्रा के लिए मजबूरी में भारी खर्च नहीं करना पड़ेगा। जनता अब उम्मीद लगाए बैठी है कि परिवहन विभाग इन प्रस्तावित रूटों पर गंभीरता से विचार कर पहाड़ की परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा।
