सैंजी गांव में भूगर्भीय सर्वेक्षण, भूस्खलन के खतरे का आकलन
विशेषज्ञ दल ने चट्टानों, जल निकासी और पुनर्वास संभावनाओं का किया अध्ययन
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भूगर्भीय सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के अनुरोध पर शासन ने भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल का गठन किया है। इसमें उप निदेशक एवं भू वैज्ञानिक डॉ. अमित गौरव, सहायक भू वैज्ञानिक कृष्ण सिंह सजवाण और प्राविधिक सहायक रुचि गोदियाल शामिल हैं।

मंगलवार को विशेषज्ञ दल विकासखंड पाबौ के सैंजी गांव पहुंचा और आपदाग्रस्त क्षेत्र का विस्तृत भूगर्भीय सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के दौरान दल ने भूस्खलन प्रभावित इलाके, आसपास की चट्टानों और पर्यावरणीय घटकों का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि सर्वे में पानी की निकासी, भू-आकृति, गांव के पुनः बसाए जाने की संभावनाएं और विस्थापन की आवश्यकता जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। सर्वेक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को सौंपी जाएगी, जिसमें भविष्य में भूस्खलन के विस्तार, संभावित खतरे और सुरक्षा उपायों से संबंधित सुझाव शामिल होंगे।

सर्वेक्षण पूरा होने के बाद विशेषज्ञ दल ग्रामीणों को भूस्खलन की वर्तमान और संभावित स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी देगा।
