विकसित भारत समिट-2025 में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी विशेष अतिथि के रूप में हुए शामिल, नदियों के संरक्षण पर दिया मजबूत संदेश
नई दिल्ली। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी को विकसित भारत समिट-2025 में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने पर्यावरणीय न्याय, जल संरक्षण और नदियों को प्लास्टिक मुक्त करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला।
समिट का उद्घाटन स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटील, केन्द्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत एवं अनेक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर यमुना नदी की सफाई, तटीय क्षेत्रों पर जड़दार पौधों के रोपण, एवं जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर विशेष चर्चा की गई।

“न्याय केवल मानव के लिए नहीं, प्रकृति और नदियों के लिए भी हो” – स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी
अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर स्वामी जी ने कहा कि न्याय की अवधारणा केवल समाज तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति, नदियों और वनों तक विस्तारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक हम नदियों, जल स्रोतों और वायुमंडल के साथ न्याय नहीं करेंगे, तब तक मानवता के लिए न्याय अधूरा रहेगा।
स्वामी जी ने आगे कहा, “गंगा और यमुना केवल जलधाराएँ नहीं, अपितु हमारी संस्कृति और आस्था की जीवनरेखा हैं। इन्हें स्वच्छ रखना केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक न्याय का विषय है। गंदा पानी पीने को मजबूर समाज के हाशिये पर खड़े लोग इस अन्याय के पहले शिकार होते हैं।”
मंत्रियों ने स्वामी जी के प्रयासों को सराहा
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटील ने कहा कि नदियाँ हमारी संस्कृति और सभ्यता की आत्मा हैं। उन्हें प्रदूषण से मुक्त करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल पर्यावरणीय नहीं, सामाजिक न्याय का भी विषय है।
पूर्व जल शक्ति मंत्री व वर्तमान संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी स्वामी जी के जल संरक्षण व जागरूकता अभियान की प्रशंसा की और उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मीडिया क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ व्यक्तित्व श्री जगदीश चन्द्रा ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी को सामाजिक चेतना और पर्यावरणीय जागरूकता का प्रेरणास्रोत बताया।
समापन में स्वामी जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों को परमार्थ निकेतन की दिव्य गंगा आरती में सम्मिलित होने का निमंत्रण भी दिया।
