उत्तराखंडद्वारीखालपौड़ी

स्मृति चिन्ह एवं अरसे देकर कीर्तन मंडलियों का हुआ भव्य सम्मान

द्वारीखाल। पुल्यासू गांव में आयोजित श्रीमद् देवीभागवत कथा के शुभ अवसर पर स्थानीय कीर्तन मंडलियों का पारंपरिक रूप से सम्मान किया गया। आयोजकों ने मंडलियों को स्मृति चिन्ह एवं गढ़वाली परंपरा अनुसार अरसे भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में विभिन्न गांवों की कीर्तन मंडलियां पहुंचती रहीं, आयोजकों ने उनका हर्षोल्लास के साथ स्वागत कर सम्मानित किया। कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण के बीच कीर्तन मंडलियों की सहभागिता से धार्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का संचार देखने को मिला।

आज श्रीमद् देवीभागवत कथा कार्यक्रम के अंतर्गत चैलूसैण से दो कीर्तन मंडलियों ने भागीदारी की। एक मंडली का नेतृत्व सुनीता नेगी ने किया जबकि दूसरी मंडली की अगुवाई शोभा नैथानी ने की। वरगड्डी से पहुंची कीर्तन मंडली में मनोरमा सेमवाल एवं प्रेमा देवी बलूनी को तथा नागदेवगढ़ी कीर्तन मंडली को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा सभी कीर्तन मंडलियों को स्मृति चिन्ह एवं अरसे भेंट कर सम्मानित किया गया। कीर्तन मंडलियों की भक्ति और सहभागिता से कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक बना रहा। आयोजकों ने बताया कि जैसे-जैसे अन्य कीर्तन मंडलियां पहुंचेंगी, उनका भी इसी प्रकार से स्वागत और सम्मान किया जाएगा। यह पहल पारंपरिक लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।

कथावाचक आचार्य मनोज मोहन शास्त्री के भावपूर्ण प्रवचनों और जगतजननी मां भगवती की दिव्य कथाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

भक्ति की इस अनूठी अनुभूति को लोग मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। गढ़वाल की संस्कृति फेसबुक पेज एवं केदार टीवी के माध्यम से कथा का लाइव प्रसारण किया जा रहा है, जिससे देश-विदेश में बसे श्रद्धालु भी कथा का लाभ ले पा रहे हैं।

कथा स्थल पर भक्तों की भीड़ उमड़ रही है, और वातावरण जयकारों से गूंज रहा है।

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