मानसिक स्वास्थ्य से लेकर बालिका अधिकारों तक, उज्याड़ी में विद्यार्थियों को किया जागरूक
जीआईसी उज्याड़ी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
पौड़ी। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज उज्याड़ी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, बालिकाओं के अधिकार, बाल संरक्षण, लैंगिक समानता और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम के निर्देशन में आयोजित शिविर में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
तनाव को नजरअंदाज न करें, साझा करें अपनी परेशानी
शिविर में नाज़िश कलीम ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। पढ़ाई, परीक्षा या दैनिक जीवन में तनाव होने पर विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं अभिभावकों, शिक्षकों अथवा विशेषज्ञों के साथ साझा करनी चाहिए। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा, समान अवसर और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि भेदभाव, शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय सहायता लेनी चाहिए।
जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आशीष गुसाईं ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहने और तनाव का उचित प्रबंधन करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानी होने पर समय से परामर्श और उपचार लेना जरूरी है। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े भ्रम और सामाजिक संकोच को दूर करने तथा जरूरतमंदों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने पर जोर दिया।
बाल विवाह और बाल श्रम के कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी
रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत ने बाल विवाह, बाल श्रम, लैंगिक भेदभाव और बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने और समाज में समानता, सुरक्षा तथा सम्मान की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने मारी बाजी
शिविर के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने के उद्देश्य से भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। भाषण प्रतियोगिता में कक्षा 11 की दीपांशी ने प्रथम, कक्षा 12 की कनिका ने द्वितीय और कक्षा 12 की वर्किता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वरिष्ठ वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा 10 की सोनाक्षी प्रथम और कक्षा 12 की शिवानी द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं, कनिष्ठ वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा 8 की शिक्षा ने प्रथम, समर्थ ने द्वितीय और रोहित ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य हरेंद्र सिंह, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के मॉनिटरिंग एवं इवैल्यूएशन अधिकारी मनमोहन देवली, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

