पौड़ी

त्योहारों से पहले खाद्य प्रतिष्ठानों पर चला विशेष जांच अभियान

पौड़ी व यमकेश्वर में 20 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे, एक्सपायर्ड और बिना लेबल उत्पाद मौके पर नष्ट

पौड़ी। आगामी रक्षाबंधन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों तथा जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में मंगलवार को पौड़ी मुख्य बाजार और यमकेश्वर के लक्ष्मणझूला-गीताभवन क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से मिठाई, नमकीन, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, बिस्किट, सेवई सहित अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 20 विधिक एवं सर्विलांस नमूने संग्रहित किए। इनमें मिठाई एवं नमकीन के 10, दूध एवं दुग्ध उत्पादों के 2 तथा बिस्किट, सेवई सहित अन्य खाद्य पदार्थों के 8 नमूने शामिल हैं। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

टीमों ने मिठाई निर्माताओं, बेकरी सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के रख-रखाव और भंडारण की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। कुछ प्रतिष्ठानों में बिना लेबल वाले बेकरी उत्पाद और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री पाए जाने पर उन्हें मौके पर ही नियमानुसार नष्ट कराया गया। कारोबारियों को बिना लेबल, एक्सपायर्ड अथवा मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री का विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए।

पौड़ी क्षेत्र में अभियान सहायक आयुक्त खाद्य पीसी जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रचना लाल एवं प्रभारी नायब तहसीलदार जयकृष्ण भट्ट के नेतृत्व में चलाया गया। वहीं यमकेश्वर क्षेत्र में तहसीलदार वैभव जोशी एवं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।

सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि इससे पूर्व भी अभियान के तहत विभिन्न खाद्य पदार्थों के 10 नमूने जांच के लिए लिए गए थे। इनमें हल्दी पाउडर, धनिया मसाला, सोन पापड़ी, चाय पत्ती, ग्रीन चिली सॉस एवं स्प्राइट के विधिक नमूने तथा सरसों तेल, नमकीन, बिस्किट एवं दूध के सर्विलांस नमूने शामिल हैं। इन नमूनों को भी प्रयोगशाला भेजा गया है।

विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत प्रवर्तन कार्रवाई भी जारी है। इस माह एडीएम कोर्ट में एक प्रकरण का निर्णय हुआ, जिसमें मावा विक्रेता पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वर्तमान में एडीएम कोर्ट में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत 46 प्रकरण दर्ज हैं।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर जांच एवं प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मावा, मिठाई सहित अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के साथ ही प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, लेबलिंग और भंडारण मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से निर्धारित मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की।

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