ऋषिकेश

कारगिल विजय दिवस पर परमार्थ निकेतन में अमर शहीदों को श्रद्धांजलि, गंगा आरती वीर बलिदानियों को समर्पित

ऋषिकेश। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन में अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आयोजित परमार्थ गंगा आरती देश के वीर बलिदानियों को समर्पित की गई।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष एवं परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत की आत्मा, स्वाभिमान, साहस और सनातन चेतना की विजय का प्रतीक है। यह दिन उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सीमाओं की रक्षा की।

उन्होंने कहा कि कारगिल की बर्फीली चोटियाँ केवल युद्ध की गवाह नहीं हैं, बल्कि उन अमर बलिदानों की तपोभूमि हैं, जहाँ भारतीय सैनिकों ने अपने रक्त से राष्ट्रप्रेम का स्वर्णिम इतिहास लिखा। कठिन परिस्थितियों और विषम मौसम में भी सैनिक भारत की आन, बान और शान की रक्षा के लिए अडिग रहे।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि हमारे सैनिकों ने अपने परिवार और व्यक्तिगत सुखों से ऊपर राष्ट्र को रखा। उनका त्याग ही उन्हें अमर बनाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र केवल सीमाओं का नाम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता, मातृभाषाएँ, तीर्थ, नदियाँ, हिमालय और करोड़ों भारतीयों की साझा चेतना का स्वरूप है। कारगिल के वीरों ने केवल सीमाओं की ही नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता और गौरव की भी रक्षा की।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वीरता और करुणा एक-दूसरे की पूरक हैं। सैनिकों का त्याग ही समाज की शांति और सुरक्षा का आधार है, जिससे देश का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित वातावरण में जीवन जी सकता है।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि जिस धरती की रक्षा हमारे सैनिक अपने प्राणों की आहुति देकर करते हैं, उसे स्वच्छ, हरित और जीवनदायिनी बनाए रखना भी प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है। स्वच्छ नदियाँ, सुरक्षित वन, हरित पर्वत और स्वच्छ पर्यावरण एक सशक्त राष्ट्र की पहचान हैं।

स्वामी जी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कारगिल के वीरों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अनुशासन, निष्ठा, परिश्रम, साहस और सेवा के मूल्यों को अपनाएँ। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो केवल सफल ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित और उत्तरदायी नागरिक भी बनें।

कार्यक्रम के समापन पर परमार्थ निकेतन की संध्या गंगा आरती कारगिल के अमर शहीदों और वीर बलिदानियों को समर्पित की गई तथा राष्ट्र की एकता, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *