खिर्सू जनसेवा शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 526 लोगों ने उठाया सरकारी योजनाओं का लाभ
डीएम स्वाति भदौरिया व राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना ने सुनीं जनसमस्याएं, 21 शिकायतों में अधिकांश का मौके पर निस्तारण
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” अभियान के तहत शनिवार को विकासखंड खिर्सू सभागार में आयोजित जनसेवा शिविर में 526 लोगों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर का निरीक्षण राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना और जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने किया तथा अधिकारियों को लाभार्थियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, शिक्षा, कृषि, उद्यान, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, पशुपालन, सहकारिता, एनआरएलएम, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति समेत विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी। आधार पंजीकरण एवं आधार अपडेट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री और जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों के नवाचारों की सराहना की तथा खिर्सू क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में एक शिशु का अन्नप्राशन, दो गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा दो महिलाओं को महालक्ष्मी किट वितरित की गई। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत 12 मेधावी बालिकाओं को सम्मानित भी किया गया।
शिविर में ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, समाज कल्याण पेंशन तथा श्रीनगर-खिर्सू मोटर मार्ग पर मलबा जमा होने की समस्याएं उठाईं। जिलाधिकारी ने पेयजल योजना का सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने, स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने, जरूरतमंद मरीजों को “खुशियों की सवारी” से अस्पताल पहुंचाने तथा लोक निर्माण विभाग को सड़क से मलबा तत्काल हटाने के निर्देश दिए। समाज कल्याण पेंशन से जुड़ी शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के भी निर्देश दिए गए।
राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि जनसेवा शिविरों का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देकर सभी विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। वहीं जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकारियों को शिकायतों के समाधान के बाद शिकायतकर्ताओं को सूचना देने तथा ग्राम स्तर पर नियमित रूप से योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
शिविर में उद्यान विभाग ने 30, कृषि विभाग ने 16, स्वास्थ्य विभाग ने 45, होम्योपैथिक विभाग ने 79 तथा आयुर्वेदिक विभाग ने 87 लोगों को सेवाएं प्रदान कीं। एनआरएलएम के माध्यम से 22, ग्रामोत्थान रीप के तहत 22, उद्योग विभाग ने 15, बाल विकास विभाग ने 17, सहकारिता विभाग ने 3 तथा राजस्व विभाग ने 4 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिला। शिविर में कुल 21 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
