ऋषिकेश

परमार्थ निकेतन में भाईश्री का दिव्य आगमन, 4 से 10 मई तक श्रीमद्भागवत कथा

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में भक्ति, ज्ञान और सनातन संस्कृति का दिव्य संगम होने जा रहा है। 4 से 10 मई 2026 तक यहां पूज्य संत रमेश भाई ओझा (भाईश्री) के श्रीमुख से सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा।

रविवार को भाईश्री का परमार्थ निकेतन में भव्य और दिव्य स्वागत किया गया। आश्रम के आचार्यों एवं ऋषिकुमारों ने पुष्प वर्षा, शंख ध्वनि और वेद मंत्रों के साथ उनका अभिनंदन किया। मां गंगा के पावन तट पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती और भाईश्री का मिलन सनातन संस्कृति की अखंड परंपरा का प्रतीक बनकर उभरा।

आयोजन के तहत श्रीमद्भागवत कथा में वेदों का सार और भक्ति का सर्वोच्च स्वरूप प्रस्तुत किया जाएगा। भाईश्री की ओजस्वी और मधुर वाणी में कथा श्रवण श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष अवसर होगा, जिसमें प्रत्येक प्रसंग जीवन को दिशा देने वाली प्रेरणा से परिपूर्ण रहेगा।

यह सप्तदिवसीय कथा मनोरथी श्री पुरणमलजी बालुरामजी अग्रवाल परिवार, धुलिया द्वारा श्रद्धा एवं समर्पण भाव से आयोजित की जा रही है। आयोजन सनातन संस्कृति के प्रति उनकी गहरी आस्था और सेवा भाव का प्रतीक है।

देश-विदेश से सैकड़ों श्रद्धालु इस दिव्य अवसर पर मां गंगा के तट पर पहुंच रहे हैं। कथा के साथ-साथ श्रद्धालुओं को गंगा आरती, विश्व शांति हवन, सत्संग, भजन-कीर्तन, ध्यान एवं योग के माध्यम से आत्मिक शांति और साधना का अवसर भी प्राप्त होगा।

मां गंगा के पावन तट पर आयोजित यह श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के जीवन में भक्ति, शांति और आनंद की अविरल धारा प्रवाहित करेगी।

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