श्री गुरूगोबिन्द सिंह शोधपीठ, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न
हरिद्वार। श्री गुरूगोबिन्द सिंह शोधपीठ, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार में श्री गुरूतेगबहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय सिख गुरू परम्परा, धर्म, समाज एवं राष्ट्रीय अवधारणा पर केंद्रित रहा।

कार्यक्रम के समापन सत्र में माननीय राज्यपाल, उत्तराखंड एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) तथा परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी की प्रेरणादायी उपस्थिति रही।
संगोष्ठी में गुरूद्वारा श्री हेमकुण्ड साहिब समिति, ऋषिकेश के अध्यक्ष सरदार नरेन्द्र जीत सिंह बिन्द्र, उत्तराखंड के माननीय राज्य मंत्री श्री श्यामवीर सैनी, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री दिनेशचन्द्र शास्त्री, संस्कृत शिक्षा सचिव श्री दीपक कुमार, कुलसचिव श्री दिनेश कुमार, समन्वयक डा. अजय परमार सहित अनेक विद्वानों, शोधकर्ताओं एवं विशिष्ट अतिथियों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर श्री गुरूतेगबहादुर साहिब जी के जीवन पर आधारित एक महत्वपूर्ण कृति का विमोचन भी किया गया। संगोष्ठी में प्रस्तुत विद्वत् शोधपत्रों एवं विचारों में गुरूतेगबहादुर साहिब जी के त्याग, आध्यात्मिकता, मानवाधिकार संरक्षण और राष्ट्रनिर्माण में उनके अद्वितीय योगदान को विस्तार से रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी विद्वानों तथा प्रतिभागियों ने गुरूतेगबहादुर साहिब जी के आदर्शों को समाज की मार्गदर्शक शक्ति बताते हुए उन्हें सिख परम्परा का उज्ज्वल प्रकाश स्तंभ कहा।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग
