गैरसैंण में दो दिन भी नहीं चल पाया विधानसभा सत्र, भाजपा-कांग्रेस पर डॉ. शक्ति शैल कपरवाण का निशाना
**यूकेडी के वरिष्ठ नेता बोले—दोनों राष्ट्रीय दल नहीं चाहते गैरसैंण बने स्थायी राजधानी, पहाड़ की समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी गैरसैंण में होना जरूरी**
यमकेश्वर/पौड़ी। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के वरिष्ठ नेता डॉ. शक्ति शैल कपरवाण ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र दो दिन भी नहीं चल पाने को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस मामले में कांग्रेस को भी सहभागी बताते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राष्ट्रीय दल गंभीरता से गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार का यह आखिरी विधानसभा सत्र साबित होगा।

डॉ. कपरवाण ने कहा कि उत्तराखंड के चहुंमुखी विकास और जनसमस्याओं के निदान के लिए पहाड़ी प्रदेश की राजधानी पहाड़ी क्षेत्र गैरसैंण में होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल देहरादून से बाहर शासन चलाने के इच्छुक नहीं हैं। उनके अनुसार, शासन में बैठी नौकरशाही भी दोनों राष्ट्रीय दलों को इसी व्यवस्था में सहयोग देती है।
यूकेडी नेता ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, रोजगार और पेयजल आपूर्ति जैसी बुनियादी समस्याएं आज भी गंभीर बनी हुई हैं। इसके साथ ही जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक भी पहाड़ के लोगों के सामने बड़ी चुनौती है। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने से इन समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता मिल सकेगी।
डॉ. कपरवाण ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल ने अपने घोषणापत्र में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का वचन दिया है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर पहाड़ की जनभावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के वास्तविक विकास के लिए राजधानी को पहाड़ में स्थापित करना जरूरी है।

