पौड़ी

सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन कार्यक्रमों में महिलाओं और बच्चों को किया जागरूक

गोद भराई, पोषण किट और महालक्ष्मी किट वितरण के साथ स्थानीय व्यंजनों से दिया पोषण का संदेश

पौड़ी। सेवा संकल्प अभियान के तहत जनपद के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के साथ लाभार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बच्चों और किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।

मिलन केंद्र अगरोड़ा में आयोजित कार्यक्रम में कनिष्ठ प्रमुख, ग्राम प्रधान नौली-बूंगा, ग्राम प्रधान ध्वेली बिष्ट सहित आशा कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में दो महिलाओं की गोद भराई कराई गई तथा दो कुपोषित बच्चों को पोषण किट वितरित की गई। पांच बालिकाओं को टी-शर्ट और दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को पोषण माह में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रमाण पत्र दिए गए। महिलाओं को महालक्ष्मी किट भी वितरित की गईं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय व्यंजन तैयार कर उनके पोषण संबंधी महत्व की जानकारी दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी ने विभागीय योजनाओं और पोषण से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी।

आंगनबाड़ी केंद्र आमकाटल में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में ग्राम प्रधान नीलम देवी, उपप्रधान कविता देवी, आशा कार्यकर्ता रजनी देवी सहित छह लाभार्थियों और आठ ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया। यहां महिलाओं और बच्चों से जुड़ी पोषण एवं विभागीय सेवाओं की जानकारी साझा की गई।

आंगनबाड़ी केंद्र बुकंडी प्रथम में ग्राम प्रधान सीमा देवी, वार्ड सदस्य भारती एवं सोनम, पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह, चार किशोरियों तथा सात बच्चों के अभिभावक शामिल हुए। आशा फेसिलिटेटर सुमन लता और आशा कार्यकर्ता माया रावत ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

वहीं आंगनबाड़ी केंद्र वीरकाटल में वार्ड सदस्य आरती देवी, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा लाभार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 10 अभिभावकों ने प्रतिभाग किया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि आंगन मिलन कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बच्चों और किशोरियों को संतुलित आहार, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित गतिविधियों में सहयोग देने तथा बच्चों एवं महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

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