एमएसएमई योजनाओं पर सेमिनार, उद्यमियों को वित्तीय सहायता और बाजार सुविधाओं की दी जानकारी
पौड़ी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सुविधाओं, बाजार व्यवस्था और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार में एमएसएमई योजनाओं पर सेमिनार आयोजित किया गया। एमएसएमई के लिए खरीद एवं विपणन सहायता योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से पहुंचे उद्यमियों को योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय हल्द्वानी एवं देहरादून के निदेशक डॉ. एसके नेवार ने उद्यमियों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने कारोबार को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप तकनीक और नवाचार अपनाने पर जोर दिया। कहा कि एमएसएमई क्षेत्र स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सेमिनार में ओडीआर योजना, ऋण गारंटी सुविधा, टीआरईडीएस, एसआरआई फंड, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता मानक तथा एमएसएमई क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। सहायक निदेशक अमित मोहन ने योजनाओं की प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में उद्यमियों को बताया।
विशेषज्ञों ने वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता, उत्पादों की गुणवत्ता, बेहतर पैकेजिंग, बाजार तक पहुंच और आधुनिक तकनीक के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी मार्गदर्शन किया। उद्यमियों ने योजनाओं एवं वित्तीय सुविधाओं से संबंधित सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।
सेमिनार में औद्योगिक आस्थान सिताबपुर, सिग्गड़ी, जशोधरपुर और बलभद्रपुर के उद्यमियों समेत जनपद के अन्य क्षेत्रों से आए उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सोम नाथ गर्ग, प्रबंधक आरपी आर्य, उपासना सिंह, ईशा अग्रवाल, एमओएमएसएमई की श्रुति शुक्ला, सीजीटीएमएसई मुंबई के प्रबंधक, आईआईटी रुड़की के प्रो. संजीव कुमार, सिडकुल निर्माता संघ कोटद्वार के सचिव विवेक चौहान, केनरा बैंक कोटद्वार के मुख्य प्रबंधक अनिमेष ध्यानी समेत विभागीय अधिकारी एवं जिला उद्योग केंद्र की टीम मौजूद रही।
