घेरबाड़ नीति से खेती को मिलेगा बढ़ावा, बेहतर क्लस्टरों को उत्पादन के आधार पर मिलेगी वाहन सुविधा
पौड़ी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत फार्म फेसिंग पॉलिसी (घेरबाड़ नीति) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को जिला सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने, पात्र लाभार्थियों के चयन, कार्यों की गुणवत्ता, अनुश्रवण और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि विकासखंड स्तर से प्राप्त प्रस्तावों की संबंधित खंड विकास अधिकारियों के साथ जांच कर उनकी वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय और कन्वर्जेंस के माध्यम से कार्य कराने पर जोर दिया, जिससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। कृषि भूमि संरक्षण अधिकारियों से क्षेत्रवार स्थिति और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी भी ली गई।
जिलाधिकारी ने जिला योजना के माध्यम से पूर्व में कराए गए घेरबाड़ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता और प्रभाव का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में किए गए कार्यों के परिणामों का आकलन कर आगामी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार किया जाए।
उन्होंने प्रस्तावों के चयन में सहभागिता और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जहां वर्तमान में खेती हो रही है और स्थानीय लोग सहभागिता के साथ घेरबाड़ कराने के लिए तैयार हैं।
उत्पादन के आधार पर बेहतर क्लस्टरों को मिलेगी सुविधा
बैठक में कृषि एवं उद्यान गतिविधियों को क्लस्टर आधारित तरीके से बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि कुछ क्लस्टरों में सब्जी और दलहन का अच्छा उत्पादन हो रहा है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिल रहा है। जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले ऐसे क्लस्टरों को उनके उत्पादन के आधार पर वाहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला योजना में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत हो।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नए दुग्ध मार्ग विकसित करने के निर्देश
दुग्ध उत्पादन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने दुग्ध उत्पादन से जुड़े लाभार्थियों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए एक माह का समय दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नए दुग्ध मार्ग विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे दुग्ध उत्पादकों को दूध के संग्रहण और विपणन की बेहतर सुविधा मिल सके।
एकेश्वर में कोल्ड स्टोरेज का कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को एकेश्वर में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज का कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं के विकास से स्थानीय कृषि एवं उद्यान उत्पादों के सुरक्षित भंडारण में मदद मिलेगी और किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करने, लाभार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित मानकों के अनुसार कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, पीडी डीआरडीए केवल कुमार उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, सीवीओ डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एआर सहकारिता सुमन कुमार, जिला मत्स्य प्रभारी अभिषेक मिश्रा सहित कृषि भूमि एवं संरक्षण अधिकारी उपस्थित रहे।
