लंपी जैसे लक्षण मिलने से पशुपालन विभाग अलर्ट, 21 रक्त नमूने जांच को भेजे
69,916 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण, 26 हजार वैक्सीन डोज पहुंची; पशुओं के आवागमन पर एहतियाती रोक
पौड़ी। जनपद में कुछ गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं में लंपी स्किन डिजीज जैसे लक्षण पाए जाने के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है और संभावित संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। रोग की पुष्टि के लिए संदिग्ध पशुओं के 21 रक्त नमूने जांच के लिए आईवीआरआई, बरेली भेजे गए हैं।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जनपद में पशुओं के टीकाकरण का अभियान जारी है। अब तक 69,916 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं निदेशालय के केंद्रीय स्टोर से 26 हजार वैक्सीन डोज प्राप्त हुई हैं, जिन्हें संबंधित पशु चिकित्सालयों एवं पशु सेवा केंद्रों में वितरित किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को पशु चिकित्सालयों और सेवा केंद्रों पर पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज में पशुओं में तेज बुखार, सुस्ती, त्वचा पर गांठें अथवा चकत्ते, भूख में कमी, लंगड़ापन, लसीका ग्रंथियों में सूजन और गले के आसपास सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
रोग के संभावित प्रसार को देखते हुए अन्य जिलों एवं राज्यों से जनपद में आने वाले गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं के आवागमन पर एहतियातन प्रतिबंध लगाया गया है। पशुपालकों से फिलहाल नए पशु खरीदने से बचने तथा संदिग्ध या बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की अपील की गई है। साथ ही पशुओं को बाहरी पशुओं के संपर्क में आने से बचाने को कहा गया है।
विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि जिन गोवंशीय पशुओं का अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है, उनका टीकाकरण कराने के लिए निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा पशु सेवा केंद्र से संपर्क करें। पशुओं में बीमारी के संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तत्काल संबंधित पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग को सूचना दें, ताकि समय पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
