सीएसआईआर-सीबीआरआई और श्री सीमेंट के बीच समझौता, सतत निर्माण तकनीकों पर होगा संयुक्त अनुसंधान
सतत भवन निर्माण सामग्री, नैनोप्रौद्योगिकी और औद्योगिक उप-उत्पादों के उपयोग पर मिलकर करेंगे शोध
रुड़की/नई दिल्ली। सीएसआईआर-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीबीआरआई), रुड़की और श्री सीमेंट लिमिटेड, गुरुग्राम के बीच सतत भवन निर्माण सामग्रियों, प्रौद्योगिकी विकास और उद्योग-प्रेरित अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह कार्यक्रम गुरुवार को इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली स्थित सीबीआरआई दिल्ली केंद्र में आयोजित हुआ।

एमओयू पर सीएसआईआर-सीबीआरआई के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार तथा श्री सीमेंट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. गौतम चटर्जी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ और अधिकारी उपस्थित रहे।
समझौते के तहत दोनों संस्थान सीमेंट, निर्माण एवं भवन सामग्री क्षेत्र में सहयोगात्मक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, ज्ञान आदान-प्रदान तथा क्षमता निर्माण के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। विशेष रूप से फ्लाई ऐश, जीजीबीएफएस, स्टील स्लैग और कॉपर स्लैग जैसे औद्योगिक उप-उत्पादों के उपयोग, सतत सीमेंटयुक्त सामग्रियों के विकास तथा निर्माण क्षेत्र में नैनोप्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग पर शोध किया जाएगा।
साझेदारी के अंतर्गत नवाचार आधारित निर्माण सामग्रियों और तकनीकों के विकास एवं व्यावसायीकरण, गुणवत्ता नियंत्रण प्रोटोकॉल तैयार करने तथा औद्योगिक उप-उत्पादों के परीक्षण एवं मानकीकरण पर भी कार्य किया जाएगा।
दोनों संस्थान तकनीकी बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सम्मेलनों और संगोष्ठियों के माध्यम से ज्ञान साझा करेंगे। साथ ही शोधार्थियों के लिए फेलोशिप तथा संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि निर्माण क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का समाधान करने तथा टिकाऊ, नवोन्मेषी और लागत प्रभावी निर्माण सामग्री विकसित करने के लिए उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी अनुसंधान के परिणामों को व्यावहारिक उपयोग में लाने और देश के निर्माण एवं अवसंरचना क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
