विद्यार्थियों और ऋषिकुमारों ने निकाली स्वच्छता रैली, श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश
ऋषिकेश। स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत परमार्थ निकेतन में विद्यार्थियों और ऋषिकुमारों ने स्वच्छता रैली निकालकर जन-जागरूकता का संदेश दिया। इस दौरान स्वच्छता अभियान चलाने के साथ ही प्रतिभागियों ने स्वच्छता की शपथ भी ली।

परमार्थ विद्या मंदिर के विद्यार्थियों एवं परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों ने प्रातःकाल हाथों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित संदेश लिखी तख्तियां लेकर रैली निकाली। रैली के माध्यम से लोगों से सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने, कूड़ा इधर-उधर न फेंकने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
रैली के बाद विद्यार्थियों एवं ऋषिकुमारों ने परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में श्रमदान कर स्वच्छता अभियान चलाया। इसके उपरांत सभी ने स्वच्छता की शपथ लेते हुए स्वयं स्वच्छता का पालन करने और परिवार, विद्यालय, आश्रम व समाज के अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने का संकल्प लिया। अभियान के दौरान प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि “स्वच्छता हमारा संस्कार है।” उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं, बल्कि जीवनशैली और संस्कृति का हिस्सा बननी चाहिए। बच्चों और युवाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि एक घंटे का श्रमदान, एक छोटी पहल और एक स्वच्छ आदत मिलकर बड़े परिवर्तन का आधार बन सकती है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता को दिनचर्या, संस्कृति और सेवा का हिस्सा बनाकर ही स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर भारत के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
स्वच्छता ही सेवा-2026 के तहत ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ अभियान के अंतर्गत 1 अक्टूबर को प्रातः 8 से 9 बजे तक स्वच्छता श्रमदान किया गया। इस दौरान रैली, श्रमदान और शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों एवं ऋषिकुमारों ने स्वच्छता को जिम्मेदारी के साथ-साथ सेवा और संस्कार से जोड़ने का संदेश दिया।
अभियान एवं स्वच्छता रैली में परमार्थ गुरुकुल के आचार्यों तथा परमार्थ विद्या मंदिर के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी सक्रिय सहभागिता की।
