डीएम ने विद्यालयों की सुरक्षा और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा की, जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट तलब
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत तथा विद्यालयों में परिवहन व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। बैठक में मानसून के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा और विद्यालयों की आधारभूत व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसरों में खतरा बने पेड़ों को वन विभाग के समन्वय से प्राथमिकता के आधार पर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत में देरी पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि कुछ विद्यालयों के प्राक्कलन अभी तक कार्यदायी संस्था मंडी परिषद की ओर से उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस पर उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था को बदलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
डीएम ने सभी जर्जर और क्षतिग्रस्त विद्यालयों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे भवनों में सुरक्षा की दृष्टि से कक्षाएं संचालित न की जाएं। उन्होंने विद्यालयों की सूची अगले दिन तक प्रस्तुत करने और 10 जुलाई तक सभी आवश्यक प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि समय पर शासन को प्रस्ताव भेजा जा सके।
उन्होंने जिला योजना के अंतर्गत लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी को कार्यदायी संस्थाओं के साथ विशेष बैठक आयोजित कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों की स्क्रीनिंग, नामांकन और फॉलोअप की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय बढ़ाकर अधिक से अधिक बच्चों तक कार्यक्रम का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही श्रीनगर बेस अस्पताल के नवनिर्मित क्रिटिकल केयर ब्लॉक का उपयोग डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर के संचालन के लिए किए जाने संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेश सयाना सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
